श्रीनगर: पत्रकार शुजात बुखारी हत्याकांड को सुलझाने का दावा करते हुए जम्मू कश्मीर पुलिस ने गुरूवार( 28 जून) को कहा कि इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि इसकी साजिश पाकिस्तान में लश्कर-ए- तय्यबा के सदस्यों ने रची थी. साथ ही, इसे नवीद जट्ट समेत प्रतिबंधित संगठन के आतंकवादियों ने अंजाम दिया. जट्ट फरवरी में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था. कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) एस पी पाणि ने संवाददाताओं से कहा कि हत्यारों की पहचान पाकिस्तानी नागरिक जट्ट , दक्षिण कश्मीर के नागरिक मुजफ्फर अहमद और आजाद मलिक के रूप में हुई है, जिन्होंने 14 जून को इस घटना को अंजाम दिया था.
उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया अभियान चलाए गए. उसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जो कई बार धमकाने वाला था. उन्होंने कहा कि इस तरह के पांच से छह पोस्ट आए. पाणि ने कहा , ‘‘इसके अलावा एक फेसबुक (पेज) और एक ट्विटर हैंडल था. जांच में खुलासा हुआ है और हमारे पास ठोस सबूत हैं कि ये पाकिस्तान से किये गए थे. ’’
एक व्यक्ति की पहचान सज्जाद गुल के रूप में हुई है
उन्होंने कहा, ‘‘सेवा प्रदाताओं ने जो स्थान बताया, वो पाकिस्तान के हैं और वे लश्कर- ए- तय्यबा की साजिश का हिस्सा हैं.’’ दो सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अभियान चला रहे एक व्यक्ति की पहचान सज्जाद गुल के रूप में हुई है जो फर्जीवाड़ा से प्राप्त पासपोर्ट के जरिए भारत से भागने में कामयाब रहा. पाणि ने कहा कि गुल को इससे पहले 2003 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसने सजा भी काटी थी.
बाद में उसने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और श्रीनगर लौटने से पहले जयपुर से एमबीए की पढाई की. उसे श्रीनगर पुलिस ने आतंकवाद से संबंधित अन्य मामले में 2016 में गिरफ्तार किया था लेकिन उसे बाद में जमानत मिल गई थी. उन्होंने कहा , ‘‘ हम स्थानीय अदालत से गुल के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल करके उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के लिए इंटरपोल से बात करेंगे.’’
सनसनीखेज हत्याकांड
आपको बता दें कि स्थानीय दैनिक राइजिंग कश्मीर के प्रधान संपादक बुखारी की गत 14 जून को प्रेस एंक्लेव स्थित उनके दफ्तर के बाहर तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमले में बुखारी के दो निजी सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे. इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस ने हमलावरों की सीसीटीवी फुटेज जारी की थी जो मोटरसाइकिल पर सवार थे. एक हमलावर ने जहां हेल्मेट पहन रखा था तो एक अन्य ने मास्क पहन रखा था. पुलिस ने बुखारी की हत्या का आरोप लश्कर ए तैयबा पर लगाया है , वहीं आतंकी संगठन ने इससे इनकार किया है.
Source:-ZEENEWS
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उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया अभियान चलाए गए. उसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जो कई बार धमकाने वाला था. उन्होंने कहा कि इस तरह के पांच से छह पोस्ट आए. पाणि ने कहा , ‘‘इसके अलावा एक फेसबुक (पेज) और एक ट्विटर हैंडल था. जांच में खुलासा हुआ है और हमारे पास ठोस सबूत हैं कि ये पाकिस्तान से किये गए थे. ’’
एक व्यक्ति की पहचान सज्जाद गुल के रूप में हुई है
उन्होंने कहा, ‘‘सेवा प्रदाताओं ने जो स्थान बताया, वो पाकिस्तान के हैं और वे लश्कर- ए- तय्यबा की साजिश का हिस्सा हैं.’’ दो सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अभियान चला रहे एक व्यक्ति की पहचान सज्जाद गुल के रूप में हुई है जो फर्जीवाड़ा से प्राप्त पासपोर्ट के जरिए भारत से भागने में कामयाब रहा. पाणि ने कहा कि गुल को इससे पहले 2003 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसने सजा भी काटी थी.
बाद में उसने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और श्रीनगर लौटने से पहले जयपुर से एमबीए की पढाई की. उसे श्रीनगर पुलिस ने आतंकवाद से संबंधित अन्य मामले में 2016 में गिरफ्तार किया था लेकिन उसे बाद में जमानत मिल गई थी. उन्होंने कहा , ‘‘ हम स्थानीय अदालत से गुल के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल करके उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के लिए इंटरपोल से बात करेंगे.’’
सनसनीखेज हत्याकांड
आपको बता दें कि स्थानीय दैनिक राइजिंग कश्मीर के प्रधान संपादक बुखारी की गत 14 जून को प्रेस एंक्लेव स्थित उनके दफ्तर के बाहर तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमले में बुखारी के दो निजी सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे. इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस ने हमलावरों की सीसीटीवी फुटेज जारी की थी जो मोटरसाइकिल पर सवार थे. एक हमलावर ने जहां हेल्मेट पहन रखा था तो एक अन्य ने मास्क पहन रखा था. पुलिस ने बुखारी की हत्या का आरोप लश्कर ए तैयबा पर लगाया है , वहीं आतंकी संगठन ने इससे इनकार किया है.
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